अध्याय 126

हीडी की आँखों में क्षणभर के लिए उभरा वह रोष जमकर कुछ कहीं ज़्यादा ख़तरनाक बन गया—एकदम शुद्ध, सोची-समझी विष-भरी नफ़रत।

अब जाकर उसे पूरी तरह समझ आया कि जिसे वह भीतर-ही-भीतर हमेशा से शक करती रही थी: आर्थर के दिल में कैरोलाइन की जगह अब भी बनी हुई थी।

शायद उसे खुद भी अंदाज़ा नहीं था कि कैरोलाइन का उस प...

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